उत्तराखंड की दशा और दिशा आज तक भी वही है जो दो दशक पहले थी। राजनीति यहां सर्वोपरि है। खंडूड़ी को छोड़ कोई मुख्य मंत्री निस्वार्थ भाव से देव भूमि को नहीं समझ पाया कभी किसी नेता ने ब्राह्मण जजमान में देव भूमि को बांटते हुए राजनीति की रोटियां सेकी हैं। तो आज बेहद दुखद समाचार यह मिला है कि कुछ जातिगत आधार पर ओबीसी के कोटे में इन जातियों को बांट दिया गया है। त्रिवेंद्र जी आपको वोट और जातियों ने भी दिया। आप उसी राजनीति को आगे बढ़ा रहे हैं जो आजादी के बाद इस देश को विरासत में मिली बाकी जातियों ने क्या बिगाड़ा आपका ये सवाल आपको सभी पूछेंगे। सवाल अगर ओबीसी कोटे में आने का होता है तो उन जातियों को छोड़ दिया गया जो जनसंख्या के आधार पर कम हैं। आपने देव भूमि को जाती गत बांटकर सबसे बड़ा अपराध किया है। जिन जातियों को आपने कम वोट बैंक समझकर एक भाई को दूसरे भाई से अलग करने का कार्य किया वही लोग आपको सत्ता से हटाने के लिए आगे बढ़ेंगे आपने यह सिद्ध कर दिया है कि आप राजनीत सत्ता के लिए कुछ भी कर सकते हैं

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