ताड़केश्वर महादेव के रहस्य से अनजान लोग भूल गए झलकुंद और झलमहादेव को

    सुनील
ताड़केश्वर महादेव
कोटद्वार उत्तराखंड
सदियों से श्रद्धा का केंद्र रहे ताड़केश्वर महादेव की अदभुद शक्तियों को शायद आम श्रद्धालुओं को ना दिख पाए और आज तक कोई भी श्रद्धालु ताड़केश्वर महादेव के बारे में अधिक जानकारी नहीं ले पाए। मगर ताड़केश्वर महादेव को जब भी याद किया जाएगा या ताड़केश्वर महादेव मंदिर के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सके तो शायद इस रहस्य से भी पर्दा हट जाएगा कि दूसरी दुनिया भी ठीक हमारी धरती के नीचे या फिर आस पास ही कंही हमारे एक और दुनिया के दरवाजे खुलते हैं।


हम जब ये लिख रहे हैं तो बहुत से तथ्यों के साथ अपनी बात को मजबूती से रख रहे हैं शायद आपने आज तक हॉलीवुड फिल्मों में अधिकतर दूसरी दुनिया के बारे में देखा या सुना होगा मगर ये सत्य भी हो सकता है जब आप ताड़केश्वर महादेव के बारे में सच्ची श्रद्धा से देखने का प्रयास करेंगे। हम बात कर रहे है ताड़केश्वर महादेव के दर्शन के लिए जाना ही हमारा लक्ष्य नहीं लक्ष्य है देव दर्शन को आपके बीच रखने का।
क्या आप जानते है ताड़केश्वर महादेव में जो दूध चढ़ाया जाता है वो झलमहादेव में  में देखा जाता आया है झल महादेव की दूरी ताड़केश्वर महादेव से लगभग ५० किलोमीटर दूर है।
वही झलमहदेव जहां मान्यता है कि झलकुंड नदी गंगा के समान पवित्र मानी जाती है।

झलकुंड नदी वो नदी है । जिसको की माना जाता है ताड़केश्वर महादेव के पवित्र पैरों का स्थान है। झलकूंड नदी से ही दूसरी दुनिया के द्वार का रास्ता प्रारंभ होता है। हम ये बात तथ्यों के साथ कह रहे है। सदियों पहले ग्राम भांगलवान से ताड़केश्वर महादेव के विवाह के साक्ष्य मिलते हैं। कहा जाता है कि ताड़केश्वर महादेव को किसी गांव वाले ने नहीं देखा मगर देवी के साथ जो देखा गया वो एक काला कुत्ता हर किसी गांव वाले ने देखा कहते हैं वो कुत्ता महादेव ने अपना दूत भेजा था गांव वालों ने ही देवी को झल्कुंड के सामने बिदाई दी। इतिहास पुराना होता है मगर मिटता नहीं कहा जाता है कि देवी को सभी गांव वालों ने ढोल नगाड़े और एक दुल्हन कि तरह सम्मान के साथ झलकुड में समाहित होते हुए देखा था।

पुरानी मान्यताओं के हिसाब से ताड़केश्वर महादेव ने उसके बाद अपना स्थान ताड़केश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए स्थापित किया। कहा जाता है कि जब देवी से पूछा गया कि देवलोक कैसा है तो उन्होंने भी एक अलग दुनिया का वर्णन किया था। आम मनुष्य प्रकृति के आगे सून्य है। यही सोच कर के हम ताड़केश्वर महादेव के बारे में अधिक जानकारी तो आपको नहीं दे सकते मगर प्रकृति के द्वारा बनाई गई चीजों को हम झुठला नहीं सकते और इसी लिए ताड़केश्वर महादेव की इतनी मान्यता है मगर आज भी ना हमारी सरकार ना ही हमारे लोगों ने भगवान की इस धरोहर को उच्च स्तर पर लेजाने का कार्य नहीं किया झलकुंद और झल महादेव भी ताड़केश्वर महादेव के स्थान है इसे आप लोग जाने। और हम इन पवित्र स्थानों की देखभाल करके भगवान को हमेशा के लिए अमर रखें।

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