उत्तराखंड पर्यटन नहीं जाम का बना अड्डा यात्रियों को हो रही है परेशानियां

कोटद्वार उत्तराखंड 
पर्यटन सीजन में उत्तराखंड राज्य रोजाना हांफ रहा है। क्या हरिद्वार, नैनीताल और चारधाम यात्रा हर रूट पर जाम से यात्री बेहाल हैं। चार दिन बाद होने वाले गंगा दशहरा और निर्जला एकादशी के पर्व के साथ ही वीकेंड की भारी भीड़ से शनिवार को हरिद्वार फिर हांफने लगा। पुलिस प्रशासन द्वारा परिवर्तित यातायात प्लान लागू किए जाने के बावजूद हाईवे पर जाम से निजात नहीं मिल पाई। जाम का आलम यह था कि कई जगह यात्री गाड़ी छोड़कर पैदल ही चलने लगे। बैरागी कैंप समेत कई अन्य स्थानों पर खाली जगह पार्किंग में तब्दील कर दी गई हैं

मंगलौर से रुड़की तक भीषण जाम ने यात्रियों के पसीने छुड़ा दिया। सुबह करीब नौ बजे जैसे ही चक्का जाम होने की स्थिति पैदा हुई तो पुलिस ने वाहनों को वाया लंढौरा लक्सर होते हुए भेजना शुरू कर दिया। इससे दोपहर 12 बजे तक मंगलौर चौक पर भारी अफरातफरी की स्थिति रही। दूसरी ओर, दिल्ली से आने वाले वाहनों को नारसन से भी डायवर्ट करना शुरू कर दिया गया। तब जाकर दोपहर बाद दिल्ली हरिद्वार हाईवे पर यात्रियों ने राहत की सांस ली।

वहीं गढ़वाल में शासन-प्रशासन की ओर से हर साल चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर छह माह पूर्व से ही बंद कमरों में बैठकों का दौर शुरू हो जाता है। यात्रा शुरू होने से चार माह पूर्व अधिकारी धामों में तैयारियों का जायजा लेने के लिए भी पहुंचते हैं, लेकिन यात्रा के चरम पर पहुंचते ही सारी तैयारियां धरी की धरी रह जाती है। देश-विदेश से पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों व पर्यटकों को जाम, पेट्रोल-डीजल, एटीएम से पैसा नहीं होने, बदहाल सड़कें, स्टेंड पोस्ट, शौचालय जैसी मूल समस्याओं से जूझना पड़ता है। इस बार भी ऐसे ही हाल हैं।

इस बार चारधाम यात्रा में उमड़ रही भीड़ के बीच उत्तरकाशी में डीजल-पेट्रोल की आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई है। यमुनोत्री एवं गंगोत्री यात्रा मार्ग पर कम संख्या में पेट्रोल पंप होने और इनमें भी आए दिन डीजल पेट्रोल खत्म होने के कारण तीर्थयात्रियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन अव्यवस्थाओं से प्रशासन की यात्रा तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। रोजाना करीब 10-10 हजार तीर्थयात्री यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम पहुंच रहे हैं। चारधाम यात्रा के दो प्रमुख धाम जिले में मौजूद होने के कारण यात्री वाहनों का सर्वाधिक ठहराव उत्तरकाशी में ही है, जिससे यात्री वाहनों को ईंधन की ज्यादा आवश्यकता पड़ती है।

बदरीनाथ व हेमकुंड यात्रा मार्ग पर डीजल व पेट्रोल की किल्लत यात्रियों के लिए समस्या बनी हुई है। अधिकांश पेट्रोल पंपों पर सीमित पेट्रोल व डीजल दिया जा रहा है। बदरीनाथ व हेमकुंड यात्रा मार्ग के प्रमुख पड़ाव जोशीमठ में डीजल व पेट्रोल के लिए मारामारी मची हुई है। यहां स्थित दोनों पेट्रोल पंपों पर पिछले दो दिन से तेल की भारी किल्लत बनी हुई है, जिससे पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी लाइन लगी हुई है। पेट्रोल पंप मालिक लालमणि सेमवाल का कहना है कि टैंकरों की संख्या सीमित है, लेकिन यात्रियों की संख्या अत्यधिक बढ़ गई है। जिससे यह समस्या आ रही है। 

जोशीमठ में यात्रा मार्ग पर अधिकांश बैंकों के एटीएम में यात्रियों को धनराशि उपलब्ध नहीं हो पा रही है। यात्री कैश के लिए एक एटीएम से दूसरे एटीएम के चक्कर काट रहे हैं। जनपद के लीड बैंक अधिकारी जीएस रावत ने बताया कि पूरे चमोली में 69 एटीएम हैं, जिनमें  करीब पांच करोड़ प्रतिदिन डाला जाता है। उधर, जोशीमठ में विभिन्न बैंकों के 10 एटीएम में से मात्र तीन ही काम कर रहे हैं। अन्य किसी एटीएम में पैसे नहीं हैं, तो कोई खराब चल रहा है। वहीं बदरीनाथ धाम में दो एटीएम हैं, जिसमें से केवल एक ही एटीएम कार्य कर रहा है।




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