मेरा आज आपको पौड़ी जिले में हो हो चुके पलायन की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना है। किसी भी मुख्यमंत्री वा किसी भी नेतृत्व ने इस विषय को गंभीरता से नहीं लिया जब एक मुख्यमंत्री भी पौड़ी जिले से हो मगर सत्ता का सुख जनता के सुख से अधिक मायने रखता है आज हमारे गांव हो या आस पास के पूरे छेत्र में स्कूल नहीं है जब एक मुख्यमंत्री का बेटा एक बड़ी स्कूल से शिक्षा ले सकता है तो उस जनता का हक नहीं है कि एक अच्छी स्कूल से वो भी शिक्षा हासिल करे। त्रिवेंद्र सिंह जी भी उसी राह पर है जिस राह पर अभी तक सभी मुख्यमंत्री थे। उत्तराखंड मुख्यमंत्रीजी को सत्ता मोदी जी के नाम से मिली है और अगर सत्ता मिली है तो काम भी मोदी जी के जैसे होने चाहिए थे। चिंता का विषय यह है कि मुख्यमंत्री जी को इन सब समस्याओं को दूर नहीं करना इस बार जनता उनको भी इन पूरी समस्याओं से दूर करना चाहती है सत्ता से।

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