आज आस है उन उत्तराखंडी प्रवासी भाई बहनों से जिन्होंने उत्तराखंड छोड़ दिया वो वापस आएंगे

पलायन को रोकने का पहला दायित्व आज उन उत्तराखण्डियों का है जिन्होंने पहले अपना गांव छोड दिया था , अब वे पहल कर अपनी कुड़ी - पुंगड़ी को संवार कर  त्रुटि सुधार करें क्योंकि आजीविका के हमेशा के लिये देवभूमि से विमुख नहीं होना था
अन्यथा जो 10 -05 परिवार गांव में शेष बचे हैं उन्हें भी आने से कोई रोक नहीं सकता ।
हम समय रहते  समाधान की ओर बढ़ें ।चलो गांव की ओर ।
देवपूजन / ग्रामोत्सव के साथ   जन्म भूमि दर्शन

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