प्रखर देशभक्त , दृढ़ स्वाभिमानी एवं अत्यंत धार्मिक उत्तराखंडी प्रवासी/ग्रामवासी समाज अपने गांव के प्रति कदापि उदासीन नहीं हो सकता ।

उत्सवप्रिय उत्तराखंडी समाज सार्वजनिक कल्याण की गतिविधियां रामलीलाएं, कौथिक जैसे आयोजनों से देशभर में अपनी शक्रियता बना कर रखता है ।
किन्तु हम ऐसे सभी प्रवासी बंधुओं से यह भी निवेदन करते है कि इन आयोजनों से आप स्थान स्थान पर संगठित होइये किन्तु उन आयोजनों के दूरगामी लाभ अपनी देवभूमि के पलायन से उजड़ते गांवों को होने चाहिए ,
मेरा गांव मेरा तीर्थ अभियान से जुड़ कर सामाजिक सहयोग पर आधारित ग्रामविकास के इस युगीन कार्य मे प्रत्यक्ष सहयोगी बनें भारत माता के दिव्यभाल को उन्नत बनाये रखें तथा सहयोग , स्वावलंबन एवं स्वाभिमान की त्रिवेणी में अवगाहन करें।चलो गांव की ओर
निवेदक
उत्तराखंड

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